सशक्त भारत के लिए स्टार्टअप्स
DOI:
https://doi.org/10.67185/vimrj.v1i4.27Keywords:
मुख्य बिन्दु: सशक्त भारत, स्टार्टअप्स, फण्ड, उद्यमिता, आर्थिकAbstract
हम सभी जानते हैं कि समय परिवर्तनशील है। परिवर्तन के साथ हम सभी को बदलना पड़ता है। व्यवसाय एवं उद्योग भी इसे अछूता नहीं है आधुनिक समय में व्यवसाय एवं उद्योग करने के तरीके में बहुत तेजी से परिवर्तन हो रहा है इस परिवर्तन को स्वीकार कर उद्योग एवं व्यवसाय को आगे बढ़ाया जा सकता है। व्यवसाय एवं उद्योग को बढ़ाने के लिए स्टार्टअप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आर्थिक विकास तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता के जिस स्वरुप की कल्पना वर्षों पहले की जा रही थी अब वह स्टार्टअप के माध्यम से नया आकर ले रही हैं। स्टार्टअप संस्कृति ने यह दिखा दिया है कि विचारों की शक्ति पूंजी से अधिक महत्वपूर्ण है। भारत सरकार की विभिन्न योजनाएं जैसे स्टार्टअप इंडिया डिजिटल इंडिया मेक इन इंडिया स्टैंड अप इंडिया और पीएमईजीपी ने स्टार्टअप उद्यमिता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया है जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने में अपना योगदान दे रहा है सशक्त भारत बनाने के लिए स्टार्टअप के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है इस लेख में स्टार्टअप से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है जैसे स्टार्टअप इंडिया के लिए सरकार की पहल स्टार्टअप प्रगति स्टार्टअप का विकास स्टार्टअप के विभिन्न योजनाएं स्टार्टअप की प्रगति स्टार्टअप से रोजगार स्टार्टअप से आर्थिक एवं सामाजिक विकास आदि।
