आधुनिक तकनीकी का शिक्षक-शिक्षा में योगदान: अवसर, चुनौतियाँ एवं भविष्य की दिशा

Authors

  • प्रदीप कुमार यादव शोध छात्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज Author

Keywords:

शिक्षक शिक्षा, डिजिटल तकनीकी, ई-लर्निंग, एलएमएस, एआई, डिजिटल दक्षता, ऑनलाइन मूल्यांकन

Abstract

आधुनिक तकनीकी ने शिक्षक शिक्षा की संरचना, प्रक्रिया एवं प्रभावशीलता में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-लर्निंग, वर्चुअल क्लासरूम, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा माइक्रोलर्निंग जैसी तकनीकों ने शिक्षक-प्रशिक्षण को अधिक सुलभ, लचीला एवं शिक्षार्थी केंद्रित बनाया है। इसके माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षुओं में विषयगत दक्षता के साथ-साथ तकनीकी कौशल, नवाचारशीलता एवं आत्म अधिगम की प्रवृत्ति का विकास संभव हुआ है। तकनीकी आधारित शिक्षक-शिक्षा से कक्षा-प्रबंधन, मूल्यांकन, समावेशी शिक्षा तथा व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ किया जा सकता है। फिर भी तकनीकी के प्रभावी उपयोग में कई चुनौतियाँ भी सामने आई हैं, जैसे  डिजिटल विभाजन, अपर्याप्त अवसंरचना, तकनीकी प्रशिक्षण का अभाव, शिक्षकों की मानसिक प्रतिरोधकता तथा साइबर सुरक्षा संबंधी समस्याएँ। इन बाधाओं के कारण तकनीकी के लाभ सभी तक समान रूप से नहीं पहुँच पा रहे हैं। भविष्य की दृष्टि से आवश्यक है कि शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों में तकनीकी का संतुलित, उद्देश्यपूर्ण एवं मूल्य आधारित उपयोग किया जाए। आधुनिक तकनीकी शिक्षक शिक्षा के गुणवत्ता संवर्द्धन का एक सशक्त माध्यम है, जो विवेकपूर्ण क्रियान्वयन के माध्यम से भविष्य में दक्ष, नवाचारी एवं संवेदनशील शिक्षकों के निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकती है।

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Published

2026-01-25

How to Cite

आधुनिक तकनीकी का शिक्षक-शिक्षा में योगदान: अवसर, चुनौतियाँ एवं भविष्य की दिशा. (2026). Vagisha International Multidisciplinary Research Journal, 1(1), 11-22. https://vimrj.com/index.php/vimrj/article/view/2