बी0 एड0 विद्यार्थियों की शिक्षण के प्रति अभिवृत्ति एवं संवेगात्मक बुद्धि के मध्य सहसंबंध का अध्ययन

Authors

  • सत्यम सुंदरम मौर्य शोध छात्र, राजा श्री कृष्ण दत्त पी०जी० कालेज जौनपुर, उ0 प्र0 Author

Keywords:

बी.एड. विद्यार्थी, शिक्षण अभिवृत्ति, संवेगात्मक बुद्धि, व्यक्तित्व विकास

Abstract

शिक्षा किसी भी राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का मूल आधार होती है तथा शिक्षक इस प्रक्रिया की केंद्रीय कड़ी होते हैं। किसी भी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता काफी हद तक शिक्षकों की दक्षता, दृष्टिकोण एवं व्यक्तित्व पर निर्भर करती है। शिक्षक-शिक्षा कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ऐसे सक्षम, संवेदनशील एवं उत्तरदायी शिक्षकों का निर्माण करना है, जो न केवल विषय-वस्तु में दक्ष हों, बल्कि भावनात्मक रूप से भी संतुलित एवं सामाजिक रूप से परिपक्व हों। शिक्षण के प्रति अभिवृत्ति शिक्षक के व्यवहार, कार्य-निष्ठा, कक्षा-प्रबंधन एवं शिक्षार्थियों के साथ संबंधों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। संवेगात्मक बुद्धि व्यक्ति की अपनी भावनाओं को पहचानने, नियंत्रित करने तथा दूसरों की भावनाओं को समझने और उनके अनुरूप व्यवहार करने की क्षमता से संबंधित है। एक शिक्षक के लिए संवेगात्मक बुद्धि कक्षा में तनाव प्रबंधन, सहानुभूति, प्रेरणा एवं प्रभावी संप्रेषण के लिए अनिवार्य मानी जाती है। प्रस्तुत अध्ययन बी.एड. विद्यार्थियों की शिक्षण के प्रति अभिवृत्ति एवं संवेगात्मक बुद्धि के मध्य सहसंबंध का विश्लेषण करने का प्रयास करता है, जिससे शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं व्यवहारिक बनाया जा सके।

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Published

2026-01-25

How to Cite

बी0 एड0 विद्यार्थियों की शिक्षण के प्रति अभिवृत्ति एवं संवेगात्मक बुद्धि के मध्य सहसंबंध का अध्ययन. (2026). Vagisha International Multidisciplinary Research Journal, 1(1), 43-54. https://vimrj.com/index.php/vimrj/article/view/5