नई शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में यथार्थ ज्ञान और मूल्य शिक्षा: महर्षि पतंजलि के योग दर्शन के संबंध में।

Authors

  • डॉ० राकेश कुमार असि० प्रोफेसर, श्रीमती फुलेहरा स्मारक महिला पी.जी. कॉलेज, कमतैला, रसड़ा, बलिया Author

DOI:

https://doi.org/10.67185/vimrj.v1i2.10

Keywords:

नई शिक्षा नीति, योग दर्शन, महर्षि पतंजलि, मूल्य शिक्षा, यथार्थ ज्ञान, अष्टांग योग

Abstract

इस शोध पत्र में नई शिक्षा नीति-2020 के मूल उद्देश्य समग्र विकास, यथार्थ ज्ञान और मूल्यपरक शिक्षा के संदर्भ में महर्षि पतंजलि के योग दर्शन की प्रासंगिकता का विश्लेषण किया गया है। योगदर्शन में वर्णित अष्टांग योग, यम-नियम, ध्यान, समाधि आदि शिक्षार्थी के चरित्र निर्माण, आत्मविकास एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन हेतु अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो सकते हैं। यह शोध शिक्षा नीति में निहित “नैतिकता और आध्यात्मिकता” की संकल्पना को भारतीय सांस्कृतिक दृष्टिकोण से स्पष्ट करता है।

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Published

2026-04-25

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Articles

How to Cite

नई शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में यथार्थ ज्ञान और मूल्य शिक्षा: महर्षि पतंजलि के योग दर्शन के संबंध में।. (2026). Vagisha International Multidisciplinary Research Journal, 1(2), 36-45. https://doi.org/10.67185/vimrj.v1i2.10