माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सामाजिक परिपक्वता का तुलनात्मक अध्ययन

लेखक

  • पीयूष कान्त पाल शोध छात्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, राजा श्री कृष्ण दत्त पी०जी० कालेज जौनपुर ##default.groups.name.author##
  • प्रो0 (डॉ0) मयानंद उपाध्याय शोध निर्देशक, पूर्व विभागाध्यक्ष, शिक्षाशास्त्र विभाग, राजा श्री कृष्ण दत्त पी०जी० कालेज जौनपुर ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.67185/5atkm816

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सामाजिक परिपक्वता, माध्यमिक शिक्षा, विद्यार्थी, सामाजिक विकास, सामाजिक- भावनात्मक अधिगम, तुलनात्मक अध्ययन।

सार

प्रस्तुत शोध पत्र में माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सामाजिक परिपक्वता का लिंग, विद्यालय के प्रकार तथा विद्यालय के परिवेश के आधार पर तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया तथा सामाजिक परिपक्वता मापनी के माध्यम से विद्यार्थियों से प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण माध्य, मानक विचलन एवं टी-परीक्षण की सहायता से किया गया। अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि छात्राओं का सामाजिक परिपक्वता स्तर छात्रों की अपेक्षा अधिक है। इसी प्रकार शहरी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों में सामाजिक परिपक्वता का स्तर ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों की अपेक्षा अपेक्षाकृत अधिक पाया गया। अध्ययन के निष्कर्ष विद्यालयी वातावरण, पारिवारिक सहयोग, सहपाठ्य गतिविधियों तथा सामाजिक-भावनात्मक अधिगम की भूमिका को सामाजिक परिपक्वता के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध करते हैं। यह अध्ययन शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यालय प्रशासकों एवं शिक्षा-नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी दिशा-निर्देश प्रदान करता है।

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प्रकाशित

2026-07-29

अंक

खंड

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